न्यायप्रिय राजा और गरीब किसान
बहुत समय पहले एक राज्य में राजा वीरेंद्र राज करता था। वह अपनी प्रजा से बहुत प्यार करता था।
एक दिन एक गरीब किसान दरबार में आया और बोला,
किसान: “महाराज! मेरे खेत का कुआँ पड़ोसी ने अपना बता दिया है।”
राजा ने दोनों की बातें सुनीं और कहा,
राजा: “कुएँ का मालिक वही होगा, जो रात में इसके पानी की रखवाली करता है।”
रात को राजा ने गुप्त रूप से दोनों पर नज़र रखी। गरीब किसान पूरी रात कुएँ के पास बैठा रहा, जबकि पड़ोसी सोता रहा।
सुबह राजा ने फैसला सुनाया,
राजा: “कुआँ किसान का है।”
किसान की आँखों में खुशी के आँसू आ गए।
सीख: सच्चाई देर से सही, लेकिन जीत हमेशा उसी की होती है।
♫ Original audio·1 views
Unlocks in 10s